छुवल काहें कलइया ए मोहन

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छुवल काहें कलइया ए मोहन
छुवल काहें कलइया।।

नेह लगाके भाग परइलऽ
भाग परइलऽ हो भाग परइलऽ
करीं हम हाय दैया दैया ए मोहन
छुवल काहें कलइया।।
छुवल काहें कलइया ए मोहन
छुवल काहें कलइया।।

कालिंदी अँखिया के कोर भइल बा
कोर भइल बा हो कोर भइल बा
बढ़े रोज विरहा सवैया ए मोहन
छुवल काहें कलइया।।
छुवल काहें कलइया ए मोहन
छुवल काहें कलइया।।

गाल गुलाबी झाँवर भइलसि
झाँवर भइलसि हो झाँवर भइलसि
डगमग डोले ले नया ए मोहन
छुवल काहें कलइया।।
छुवल काहें कलइया ए मोहन
छुवल काहें कलइया।।

विबेक //आरा

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