जनितीं कि लागी हमरा दिल के बेमारी

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जनितीं कि लागी हमरा दिल के बेमारी
यारी हम ना करतीं !
तूं त बाड़ निपटे अनाड़ी ,
यारी हम ना करतीं

मन के मुराद हमार मने मुरुझाइल
मनवा के पीर कन्हा तोहे ना बुझाइल
तोहे ना बुझाइल
रोई रोई लाल भइल आँख कजरारी
यारी हम ना करतीं !
तूं त बाड़ निपटे अनाड़ी ,
यारी हम ना करतीं

सोचले ना रहनी कबो तुरबऽ सनेह के
अचके में छोड़ देब गोकुला के गेह के
गोकुला के गेह के
पीर ना सहाय जीयल जिनिगी लाचारी
यारी हम ना करतीं !
तूं त बाड़ निपटे अनाड़ी ,
यारी हम। ना करतीं

तोहरा के कहे लोग मदन गोपाला
बुझलऽ ना प्रीत काहें घोप देलs भाला
घोप देलs भाला
तन भइल ठार मन जपेला मुरारी
यारी हम ना करतीं !
तूं त बाड़ निपटे अनाड़ी ,
यारी हम ना। करतीं

  • विबेक//आरा

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