भोजपुरी गजल – माया शर्मा

0
256

जरी ना ज्ञान के दीया भइल अंजोर मुश्किल बा।
न रेंगे कान पर जू तS मचावल शोर मुश्किल बा।।१।।

न समुझे देहि के अपने पसेना भूखि में ढारे,
लगल बा आगि पेटे में बुतल धिंधोर मुश्किल बा।।२।।

शिकायत का करे केहू सिपहिए चोर बा साथे,
कहीं का.. साथ में रहिके, मचावल शोर मुश्किल बा।।३।।

करम जेकर इहाँ फूटल, जिनिगिए राति बा करिया,
न बाटे आस कुछऊ के भइल अब भोर मुश्किल बा।।४।।

चले चारा न केहू के समय बरियार बा अइसन,
घड़ी भर साँस ले ले के लगावल जोर मुश्किल बा।।५।।

✍️माया शर्मा,
प्रबंध सम्पादक, ‘सिरिजन’, भोजपुरी पत्रिका,
पंचदेवरी, गोपालगंज (बिहार)।

आपन उत्तर छोड़ दी

Please enter your comment!
Please enter your name here