हम जननि की गइल अन्हरिया

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हम जननी कि गइल अन्हरिया-
रात इंजोरिया आइल=
कइअक खल के लालकिला से-
कतने बात कहाइल=

रूस अमेरिका से करजा लेइ-
कलकरखना खोलाइल=
सार ससुर अऊर नाती बेटा-
ओमे साझेदार रखाइल=

भाई आरक्षण के तोफा देइ के-
जात समाज बटाइल=
काबिल बईठ के माछी मारे-
मूरख नोकरी पाइल=

इहाँ बोट नोट के चक्कर में-
बापू के बात भुलाईल=
कुछ लीडर कुछ डीलर भईले-
तन पर मास लदाइल=

ठेका परमिट आ लेभी अइले-
कतने टेक्स लदाइल=
उनके गाल प लाली सोभे-
सब के गाल सुखाइल=

कठमूल्ला के शान के खातीर-
तीन तलाक दिआइल=
कुर्सी के चक्कर में भईया-
राम के नाम भुलाइल=

रेल प्लेन में उनका खातीर-
सेतिहा पास बटाइल=
बिना टिकस के बाबू चलस-
अनपढ़ लोग धराइल=

धोती कुरता आ साड़ी साया-
भेख गइल बदाइल=
खतम भइल अब चना चबेना-
चाऊ मीन बिकाइल=

कई किसीम के बाल कटाता-
ना पीछे से बुझाइल=
ई बबुआ ह कि बबुनी ह-
हमरो ना चिन्हाइल= हम जननि की गइल अन्हरिया-
रात इंजोरिया आइल=
कइअक खल के लालकिला से-
कतने बात कहाइल=

रूस अमेरिका से करजा लेइ-
कलकरखना खोलाइल=
सार ससुर अऊर नाती बेटा-
ओमे साझेदार रखाइल=

भाई आरक्षण के तोफा देइ के-
जात समाज बटाइल=
काबिल बईठ के माछी मारे-
मूरख नोकरी पाइल=

इहाँ बोट नोट के चक्कर में-
बापू के बात भुलाईल=
कुछ लीडर कुछ डीलर भईले-
तन पर मास लदाइल=

ठेका परमिट आ लेभी अइले-
कतने टेक्स लदाइल=
उनके गाल प लाली सोभे-
सब के गाल सुखाइल=

कठमूल्ला के शान के खातीर-
तीन तलाक दिआइल=
कुर्सी के चक्कर में भईया-
राम के नाम भुलाइल=

रेल प्लेन में उनका खातीर-
सेतिहा पास बटाइल=
बिना टिकस के बाबू चलस-
अनपढ़ लोग धराइल=

धोती कुरता आ साड़ी साया-
भेख गइल बदाइल=
खतम भइल अब चना चबेना-
चाऊ मीन बिकाइल=

कई किसीम के बाल कटाता-
ना पीछे से बुझाइल=
ई बबुआ ह कि बबुनी ह-
हमरो ना चिन्हाइल=

भागि भागि सब बहरी गइलें-
गऊंवा अब छितराइल=
मेल जोल सब बंद भइल बा-
अकिल गइल भुलाइल=

कजरी चइता फगुआ खतम-
डिस्को गीत गवाईल=
कागद कलम भूल गइल बा-
सब के हाथ मोबाईल=

निजी संपत बढ़त गइल बा-
सरकारी माल लुटाइल=
सत्य अहिंसा बेच बाच के-
सस्ता खादी किनाइल=

अमरेन्द्र//आरा

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