कुछ बा का?

कहीं ना, कुछ बा का? लाल चाहे पीला, सूखल चाहे गीला, नस-नस टूटता, तन होता ढ़ीला। कहाँ जाईं हम? रउए हईं हमार आका। कहीं...

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भोजपुरी कविता