भोजपुरी सबद संपद

घर बदलल, जर बदलल – बदल गइल रहन

ई साँच बा कि समय के साथ सोच शरीर आ आसपास के आमखास कुल्हिए कुछ ना कुछ बदलि जाला । ई बदलाव देखि के...

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भोजपुरी कविता