भोजपुरी कहानी

रंग फगुआ के

“रंग फगुआ के” आइल बसन्त मनमीत बाड़े दूर सखी, सवख जगावे पिक-मोर फगुआ के । सरसों पलाश रंगारंग रंगे दस दिस, दीक देत फगुनी बयार फगुआ के । नैन...

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भोजपुरी कविता