आदमी बस नाम के ही रह गइल बा आदमी

गजल आदमी बस नाम के ही रह गइल बा आदमी । बंद पेटी में सिमट के तह गइल बा  आदमी ।। आबरू इंसाफ घर के बेपरद...

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भोजपुरी कविता