Tag: संगीत सुभाष

फूल मुरुझात से, सुखि गइल पात से(ग़जल)

फूल मुरुझात से, सुखि गइल पात से कवनो बगिया सजवला से का फायदा? तेल कतनो भरे, रात भर ना जरे दीप अइसन जरवला से का फायदा? ऊँच कतनो...

ताल – गाल

'असों बसंतपंचिमी के त जोरदार ताल बाजल ए फुलेसर भाई!' 'हँ बाबू भुवर, ताल त बाजल।' 'ताल का साथे झाल आ नाल। हँ त जोरदार फगुआ...

अंतरास्टी महिला दिवस

'ई बिहाने-बिहाने मोबाइल ले के का बइठि गइनीं? जाईं, थोरे मटर के चेंवटा उखारि ले आईं। निमोना खाए के मन करता आ गाइ के...

बथुआ

फुलेसर उदास, गुमसुम आ पता ना का सोचत दुआर पर बइठल रहलें, लागे जइसे कवनो रतन भुला गइल होखे। ओही बीचे हमेशा लेखाँ अपनी...

कुक्रांद

चौंकि गइनी़ नू ई नाम सुनिके? देश में बनेवाला हजारन दलन में ई एगो दल के नाम ह, जवन अबे नये बनल...

जनमे से आन्हर

तपेसा आ संकर दुनू जना एके गाँव के. दुनू जना जनमे से आन्हर. एकदिन संकर बाजार से घरे जात रहलें आ तपेसा घर से...

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