रंग देला टहटह लाल

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बलमा सूबेदार बलमा सूबेदार
रंग देला टहटह लाल।।

फौजी सजन मोर रहे पलटन पर
अँखिया सिवान पर अंगुरी बा गन पर
मुदई के बनि जाला काल
रंग देला•••••••।।

वरदी बदन सोहे परचम गगन पर
भारती गुमान करे अपना रतन पर
करेला बोडर प धमाल
रंग देला•••••••।।

कोइली अंगन बोले पपीहा सगन पर
पिउ पिउ राग सुनि लेसेला मदन तर
भीतरी में उठेला भूचाल
रंग देला•••••••।।

कातिके के गइल पिया अइले फगुन घर
धीरे धीरे डाले रंग धवल वसन पर
मले इहो गाल में गुलाल
रंग देला•••••••।।

अमरेन्द्र कुमार सिंह,
आरा, भोजपुर, बिहार।