कथनी करनी करवट लेवे, तबो नाम सतभाखी । आपन सुत पनरोह बिराजे, पढ़े कबीरा साखी ।। ए कलजुग के कवर कसैला, गटकल बा मजबूरी । दिल...
छरियाइल बा नन्हका चाहीं  खेले खातिर टुइयाँ। रो रो के हलकान भइल बा  माथा पीटे भुइ़ँयाँ । टुइयाँ पा के खुसी भइल कुछ  इतरइले...
ई साँच बा कि समय के साथ सोच शरीर आ आसपास के आमखास कुल्हिए कुछ ना कुछ बदलि जाला । ई बदलाव देखि के...
प्रभु रउआ से का छिपल, जानीले सब बात। रउए सूरज चाँद हईं, अउर हईं दिन रात।। रउआ से का हम कहीं, सब ह रउरे चीज। चाहे बड़ा...
सारी साया लहँगा रंगनी रंगनी चुनरिया- मन ना रंगाइल रे सँवरिया।। ब्रत उपवास कइनी नित अरदास...
छन्नपकैया छन्नपकैया , भोरे भोरे जागी। चौखट के पल्ला डोले जब,आहट सुनिके भागी।। छन्नपकैया छन्नपकैया, कोयल कूहूँ बोले।। लाली सुर्खी लेके सूरज,बाग बगैचा...
बात कुछ ना रहे तबो बोलीं। बेवजह कान में जहर घोलीं। ना खलेटी कहीं हवें तर-पर, फेरु काहे जुबाँ अधर तोलीं। लंगई बेपरद त का हरजा, चैन से ऐन...
फिजाँ में फिर तनिक करुआपना बा। चनरमा भिर बड़ी धूंधर घना बा। जुगाली कर रहैं बादर-हिरन कुछ हवा के पाँव धीमा अनमना बा। गिरल हा झाग अस पैरत...
मन भरमवले बाटे माया के बजरिया । अकेले चलि अइहऽ ए साँवरिया ।। सत के सुमारग सरम लागे चले में । नींक लागे काया पो कुंदन के...
भालू नाचे छम छम छम। डमरू बाजे डम ...

सिरिजन तिमाही भोजपुरी ई-पत्रिका अंक 31 (जुलाई-सितम्बर 2026)

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सिरिजन तिमाही भोजपुरी ई-पत्रिका अंक अंक 31 ( जुलाई-सितम्बर 2026) के डाउनलोड करे खातिर क्लीक करीं अनुक्रम संपादकीय •उड़ल जाला बदरा-उमेश चौबे "अश्क“/80 •संपादकीय - डॉ अनिल चौबे...

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