"बुरा मत मानीं होली ह" (जोगीरा) 01. आज के लइकी सबके चाहीं, कामधेनु जस मीत।..टेक माई बोली मिसिरी लागे, सासू बोली तीत।। जोगीरा... सा रा रा...
?भोजपुरी कविता ? ******************** फूल सा परिवार सजल रहे प्यार से, आज सगरो...
जुबां परे जहर बा, विकार ...
घर के सभ बेकत सराहे के कहेला बावरी । स्नेह में पागल पपीहा कह रहल बा आव री ।। आस में परिहास के ना मोल...
हमार भोजपुरी शानदार भोजपुरी बहल अइसन फगुनी बयरिया सगरी उमंग छइले बा। बुढ़वा बार मोछ कके करिया लइकन के संग धइले बा। लमहर...
मन काहे अलसाइल बा। ************* फागुन के बयार बहके पीयर सरसों दहदह दहके मोंजर आम के लागल महके बाग में भौंरा गुनगुनाइल बा...
बसंत के प्रभाव *********** गोल चनरमा माघ के, घन से गगन बिहून । तनी तनी सिहरन लगे, तनी तनी  उनखून ।। ढोलक झाल मृदंग से, स्वागत...
आपन भाषा भोजपुरी देला उजियार सभके सरधा -सबूरी। माटी के महक आपन भाषा भोजपुरी। अइसन मिठास आ महक ए में भरल बा।...
#जै बसंत दिग दिगंत में ऋतु बसंत में महकेले फुलवारी। अंग अंग रगि गइल अवनि के लागे अति मनहारी। अरुष रंग कचनार फुलाइल सुर्ख रंग...
कटाक्ष होई तोहार सितुहा के हाल अबो खेतवा चरिये जइबऽ खुरी धुर खुरछरिये जइबऽ मटर चना हरियर हरियर लह चह लागत बाटे दीयर खइबऽ कम लसरिये जइबऽ का...

सिरिजन तिमाही भोजपुरी ई-पत्रिका अंक 31 (जुलाई-सितम्बर 2026)

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सिरिजन तिमाही भोजपुरी ई-पत्रिका अंक अंक 31 ( जुलाई-सितम्बर 2026) के डाउनलोड करे खातिर क्लीक करीं अनुक्रम संपादकीय •उड़ल जाला बदरा-उमेश चौबे "अश्क“/80 •संपादकीय - डॉ अनिल चौबे...

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