कहीं ना, कुछ बा का? लाल चाहे पीला, सूखल चाहे गीला, नस-नस टूटता, तन होता ढ़ीला। कहाँ जाईं हम? रउए हईं हमार आका। कहीं...
साँच पूछीं त ई 'लरछुत' चमोकन अस कवनों चीज ह, कल्हुए से अइसन चिपकल कि जाने नइखे छोड़त। एतना त तय बा कि ई...
सतहतर - अठहतर , चाहे दू साल आगे-पीछे । ...
प्राचीन समय में जब अँग्रेजी दवाई के प्रचलन नेपाल में ना रहे तब वैद्य (Doctor,चिकित्सक)लोग आपन अनुभव आ अनुसंधान के आधार पर बहुते ...
सिरिजन तिमाही भोजपुरी ई-पत्रिका अंक-९ जुलाई-सितम्बर २०२० डाउनलोड करे खातिर क्लिक करीं  
देवरहवा बाबा, उत्तर प्रदेश के देवरिया जिला में एगो योगी, सिद्ध महापुरुष अउरी सन्तपुरुष रहले। डॉ॰ राजेन्द्र प्रसाद, महामना मदन मोहन मालवीय, पुरुषोत्तमदास टंडन,...
संस्कृत में भ्वादिगण के अंतर्गत एगो धातु ह- 'घ्रा'। धातुसूत्र के अनुसार 'घ्रा' सूँघे, पता लगावे के अर्थ में (सकर्मक, अनिट्) बा। घ्राण...
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भाई अब्बर होला, दुब्बर होला, लूल्ह होला, लंगड़ होला, आन्हर होला भा कमबुद्धि होला। लेकिन, भाई भाई होला। भाई दहिन बाँहि ह, अन्हरिया में...
सोने के हिड़ोलवा पे काठ के ललनवा झुलना झुलेला सारी रात हो... निरहू गइल बाड़े पूरबी बनिजिया छोड़ि के गँउआ जवार हो... माई बेचारी लुगरिया के तरसेली रोइ...

सिरिजन तिमाही भोजपुरी ई-पत्रिका अंक 30 (अप्रैल– जून 2026)

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सिरिजन तिमाही भोजपुरी ई-पत्रिका अंक अंक 30 (अप्रैल– जून 2026) के डाउनलोड करे खातिर क्लीक करीं अनुक्रम संपादकीय •संपादकीय - डॉ अनिल चौबे / 5 आपन बात •आपन बात...

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भोजपुरी कविता