कउना रे सुगनवा के
पनिया पियवली
कउना रे बछियवा के घास
कउना रे बटोहिया पे
मनवा लोभाइ गइल
जागल सपनवा में आस
कउना रे पंडितवा...
सीकिया कै डड़िया
फनाइदा मोरे बिरनू
भिनही चलब
आपन घाट हो
मियना के परदा
उठाइ के जो निरेखब
लउकी आपन
छुटल बाट हो
अमवा तरे अब
न कुहुकि कोयलिया
सूखि...
जोगीरा सारा रारा रा ।।
कौन रंग की राधा प्यारी
कौन रंग श्रीकंत
कौन रंग...
फूल मुरुझात से, सुखि गइल पात से
कवनो बगिया सजवला से का फायदा?
तेल कतनो भरे, रात भर ना जरे
दीप अइसन जरवला से का फायदा?
ऊँच कतनो...
'असों बसंतपंचिमी के त जोरदार ताल बाजल ए फुलेसर भाई!'
'हँ बाबू भुवर, ताल त बाजल।'
'ताल का साथे झाल आ नाल। हँ त जोरदार फगुआ...
मन के अँतरे कोने में दबल लालसा कइसन-कइसन गुल खिलावेला? एह बात के अहसास तेकरे होई जे एह मरज के मरीज रहल होखे।
...
'हलो, भुवर बोलतारें?'
'हँ, ए फुलेसर भाई! हम भुवर बोलतानीं, सैखोवाघाट, आसाम से। कहS, का हालचाल बा? कइसे मन परलS ह?'
'बाबू! बखार भर बधाई तहरा...
तन के भीतर खार भरल अब-
मिसरी अइसन बोली बा ।
लैनू के...
सझुराईं, अझुराइल जिनिगी
लाटा अस लटिआइल जिनिगी
कहाँ से आवे, जाले कहवाँ
कहवाँ रहे लुकाइल जिनिगी
छान्हि, नून, लुगरी के चक्कर;
चक्कर में चकराइल जिनिगी
दउरत, भागत जोहीं रोजो
जाके...
आदमी-
बनचर बनल बा
बेचि के सम्मान के
जालि अरु जलखर भइल बा
भूलि निज पहचान के।
चित्त में न चेत बा नीन...
सिरिजन तिमाही भोजपुरी ई-पत्रिका अंक 30 (अप्रैल– जून 2026)
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अनुक्रम
संपादकीय
•संपादकीय - डॉ अनिल चौबे / 5
आपन बात
•आपन बात...















